ममता
माँ – जीवन की सबसे सच्ची भावना
माँ… यह शब्द जितना छोटा है, इसका अर्थ उतना ही विशाल है।
यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि पूरे अस्तित्व की जड़ है। माँ वह पहली आवाज़ है जिसे बच्चा पहचानता है, वह पहला चेहरा है जो आँखें खुलते ही दिखाई देता है, और वह पहली गोद है जिसमें सारी दुनिया का सुकून छिपा होता है।
माँ अपने बच्चे की पहली शिक्षक होती है। वह बिना किसी किताब के जीवन के सबसे बड़े सबक सिखा देती है — प्रेम, धैर्य, त्याग और करुणा। जब बच्चा पहली बार गिरता है, तो माँ दौड़कर उसे उठाती है; जब बच्चा पहली बार रोता है, तो माँ अपने आँचल से आँसू पोंछती है; और जब बच्चा पहली बार मुस्कुराता है, तो माँ का संसार खिल उठता है।
माँ का प्यार निस्वार्थ होता है। वह कभी कोई बदले की उम्मीद नहीं रखती। उसका हर कार्य, हर चिंता, हर थकान — केवल अपने बच्चों के लिए होती है। वह खुद के सपनों को पीछे रखकर अपने बच्चों के सपनों को पूरा करती है।
कभी सोचिए — जो खुद दर्द में भी मुस्कुरा सकती है, वह और कौन हो सकती है सिवाय माँ के?
डॉ रुपाली गर्ग
मुंबई महाराष्ट्र
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